Ghazal

समंदर और मैं

रचनाकार: Rahulwoll
समंदर से पूछा मैंने तेरी गहराई का राज़ उसने कहा, ख़ामोश रहना ही है मेरा अंदाज़ मैं भी सीख गया हूँ अब चुप रहना हर लहर में छुपा है इक अनकहा साज़
4 08/24/2026

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