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आ कि मेरी जान को क़रार नहीं है

आ कि मेरी जान को क़रार नहीं है ताक़ते-बेदादे-इन्तज़ार नहीं है

रचनाकार: ansh
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मुहब्बतों के दिनों की यही ख़राबी है

तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते इसीलिए तो तुम्हें हम नज़र नहीं आते

रचनाकार: ansh
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इक बार कहो तुम मेरी हो

हम घूम चुके बस्ती-बन में इक आस का फाँस लिए मन में

रचनाकार: firdosh
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उठ चुका दिल मेरा ज़माने से

उठ चुका दिल मेरा ज़माने से उड़ गया मुर्ग़ आशियाने से

रचनाकार: Rani
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Ek Mulaqat

एक मुलाक़ात ने सारा हिसाब बदल दिया जो कभी अजनबी था, अब सारा ख़्वाब बदल दिया

रचनाकार: Faisal Qadri
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Raat Ke Alfaaz

رات کے الفاظ مجھے نیند نہیں آنے دیتے ہر ورق پر تری خوشبو سی بسی رہتی ہے

रचनाकार: Ahmed Rizvi
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