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मुहब्बतों के दिनों की यही ख़राबी है

तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते इसीलिए तो तुम्हें हम नज़र नहीं आते

रचनाकार: ansh
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कर्म का दर्पण

कर्म वह दर्पण है, जो हमें हमारा वास्तविक स्वरूप दिखाता है।

रचनाकार: Jay
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ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो।

आँखो में पानी रखो, होंटों पे चिंगारी रखो, ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो।

रचनाकार: Jay
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व्यक्ति क्या है

व्यक्ति क्या है, ये महत्वपूर्ण नहीं है परन्तु व्यक्ति में क्या है, ये बहुत महत्त्वपूर्ण है।

रचनाकार: Jay
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भागती है जिंदगी

बहुत तेज भागती है जिंदगी, बचपन गुज़रने के बाद

रचनाकार: Jay
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गहरी निष्ठा | अभ्युदय साहित्य

गहरी निष्ठा से उपजी हुई बातें बाहरी समर्थन की मोहताज नहीं होतीं।

रचनाकार: Sonam
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पाव भर कद्दू से बना लेती है रायता

एक नदी की तरह सीख गई है घरेलू औरत

रचनाकार: anjum
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सब जीवन बीता जाता है

सब जीवन बीता जाता है धूप छाँह के खेल सदॄश

रचनाकार: manya
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भय

हवा के चलने से बादल कुछ इधर-उधर होते हें

रचनाकार: vishnu
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मन बहुत सोचता है कि उदास न हो

मन बहुत सोचता है कि उदास न हो पर उदासी के बिना रहा कैसे जाए?

रचनाकार: siva
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चाँद जो सहेजता है

चाँद ने सहेजे हैं वो हर राज़ जिन्हें ज़ुबाँ पर लाने से मैं डरता रहा।

रचनाकार: Sana Malik
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City of Quiet Hours

The city sleeps in half-lit rooms, while I count the hours like coins.

रचनाकार: Ahmed Rizvi
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